मसूरी, 26 अगस्त: सीजन खत्म होते ही पहाड़ो की रानी मसूरी में अतिक्रमण का जिन्न फिर जाग गया है।
जिसके तहत आज मसूरी झील पर भारी पुलिस बल और ए, डी ,एम, उपजिलाधिकारी मसूरी की मौजूदगी में भट्टा क्यार कुली ग्रामवासियों के भारी विरोध के बीच अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई।
मसूरी झील पर देहरादून मसूरी मार्ग पर रोड के किनारे बने अवैध दुकानों को हटाने पहुचे उपजिलाधिकारी को उस समय ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा जब ग्रामवासियों ने उपजिलाधिकारी गोपाल राम बीनवाल के सामने पहले मसूरी का अतिक्रमण और मसूरी में बने अवैध होटलों पर कार्यवाही की मांग रख दी।
ग्रामवासियों का कहना है कि शासन प्रशासन अतिक्रमण हटाने में दोहरे मापदंड अपना कर मसूरी में अतिक्रमण ना हटा कर गाँव मे कार्यवाही कर रहा है।
पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष आशीष रावत का कहना है कि शासन प्रशासन अतिक्रमण हटाने में दोहरी नीति अपना रहा है।इससे पहले भी सबसे पहले भट्टा क्यार कुली के दुकानदारों ने स्वयं ही अपना अतिक्रमण हटा दिया था।
अतिक्रमण को लेकर एक प्रतिनिधि मंडल ने हाल ही में मुख्यमंत्री से बात की थी जिसमें मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया था कि जो दुकाने निजी भूमि पर बनी है उनके विरुद्ध अतिक्रमण की कार्यवाही नहीं कि जाएगी।
लेकिन आज उनकी निजी भूमि जो ग्रामपंचायत उस पर बनी दुकानों को जबरन हटाया जा रहा है।यदि ये अतिक्रमण की कार्यवाही नहीं रुकी तो उन्हें मजबूरन सड़को पर उतर कर आन्दोलन करना पड़ेगा।
वही गाँव के बुजुर्ग दयाल सिंह रावत का कहना है जिस समय ये दुकाने बन रही थी उस समय संबंधित विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किआज अचानक आकर ये अतिक्रमण की कार्यवाही की जा रही हैं।ये दुकाने उनकी निजी भूमि पर बनी है।जहां एक तरफ सरकार उत्तराखंड में पलायन रोकने की बात कर रही है वही दूसरी ऒर इस तरह की कार्यवाही कर युवाओं को बेरोजगार कर रही हैं।अगर ये अतिक्रमण की कार्यवाही नहीं रुकी तो वो इस के खिलाफ आंदोलन करेंगे जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
वही उपजिलाधिकारी गोपाल बीनवाल ने बताया कि जिन दुकानों को हटाया जा रहा है। वो राज्य मार्ग पर सरकारी भूमि पर बने हैं।और उनको एम, डी, डी, ए, द्वारा पूर्व में ध्वस्तीकरण के आदेश दिए गए थे। जब उन्होंने ध्वस्तीकरण नहीं किया तो ऐसी 8 से 10 दुकाने हैं जिन पर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की जा रही हैं।
इस मौके पर एम,डी, डी, ए, नगरपालिका, पी, डब्लू, डी, वन विभाग जल संस्थान, के अधिकारियों के साथ भारी पुलिस बल मौजूद रहे।
