कश्मीर में मोदी सरकार तैयार कर रही विकास का रोडमैप, बिजली के क्षेत्र में व्यापक योजना तैयार

श्रीनगर: आर्टिकल 370 हटने के बाद अब 31 अक्टूबर से जम्मू कश्मीर और लद्दाख नाम के दो केंद्रशासित प्रदेश अस्तित्व में आ जाएंगे. इन चीजों को ध्यान में रखते हुए मोदी सरकार का अगला फोकस इन दोनों केंद्र शासित प्रदेशों का तीव्र विकास है. इसी के तहत राज्य में आधारभूत संरचना के विकास पर काफ़ी ज़ोर दिया जा रहा है. बिजली मंत्रालय ने यहां बिजली और ऊर्जा के विकास का एक व्यापक दस सूत्री रोडमैप तैयार किया है.

बिजली की आपूर्ति बढ़ाना है पहला लक्ष्य


सरकार का सबसे बड़ा लक्ष्य राज्य में बिजली की आपूर्ति को बढ़ाना है. मंत्रालय ने जो रोडमैप तैयार किया है उसमें सबसे अधिक जोर पिछली सर्दियों की तुलना में इस सर्दी के दौरान राज्य में बिजली आपूर्ति की स्थिति बेहतर बनाना है. बिजली मंत्रालय के आकलन के मुताबिक़ इसके लिए राज्य भर में 203291 बिजली के खंभे लगाने की ज़रूरत पड़ेगी. इतना ही नहीं, कुल 22908 किलोमीटर के बराबर बिजली के नए तार भी लगाने का लक्ष्य रखा गया है. इन दोनों कामों के लिए सरकार ने 423 करोड़ रूपए की मंज़ूरी दी है.

रोज़गार सृजन पर भी है ज़ोर

विकास योजनाओं के लिए जो रोडमैप तैयार किया गया है उसमें राज्य में बिजली उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ बिजली के क्षेत्र में रोज़गार सृजन का भी लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए बिजली मंत्रालय से जुड़ी सार्वजनिक क्षेत्र की सभी कंपनियों को प्रदेश के नौजवानों को रोज़गार मुहैया कराने के लिए क़दम उठाने को कहा गया है. इसी सिलसिले में नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पॉवर कॉर्पोरेशन ने प्रदेश में 150 नौकरियां देने का फैसला किया है. इसी तरह पावरग्रिड कॉर्पोरेशन ने अपने यहां होने वाली भर्तियों में श्रीनगर स्थित राष्ट्रीय तकनीकी संस्थान ( एनआईटी) में पढ़ रहे छात्रों को प्राथमिकता देने का फैसला किया है.

कई अन्य योजनाओं पर भी काम शुरू

इसी तरह बिजली मंत्रालय से जुड़ी सभी एजेंसियां भी अलग-अलग योजनाओं पर काम शुरू कर रही हैं. इसके तहत दामोदर घाटी निगम को प्रदेश के अनुकूल ज़रूरी कार्यक्रम और प्रोजेक्ट बनाने के लिए कहा गया है. दामोदर घाटी निगम को यहां दो सब स्टेशन और ट्रांसमिशन लाइन बनाने के लिए भी कहा गया है . इसी तरह सरकारी संस्था ईईसीएल राज्य में 1 लाख स्ट्रीट लाइट लगाएगी जिसमें ग्रामीण इलाके भी शामिल होंगे. गैर परम्परागत ऊर्जा विभाग राज्य में 10 छोटे हाइड्रो प्रोजेक्ट की निगरानी करने के साथ-साथ लेह में 100 मेगावाट की क्षमता वाला रूफ टॉप सोलर पावर प्लांट लगाएगा.

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