21 अक्टूबर को हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में संयुक्त रूप से चुनाव लड़ने वाली बीजेपी और शिवसेना ने क्रमशः 105 और 56 सीटें जीतीं. एनसीपी और कांग्रेस ने क्रमशः 54 और 44 सीटें हासिल की हैं.
एनसीपी और कांग्रेस के समर्थन से शिवसेना की सरकार बनने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर पवार ने कहा कि इस संबंध में उनकी पार्टी में कोई चर्चा नहीं हुई है.
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास स्पष्ट बहुमत नहीं है. जनता ने हमें विपक्ष में बैठने को कहा है. हम उस जनादेश को स्वीकार करते हैं और ध्यान रखेंगे कि हम उस भूमिका को प्रभावी ढंग से निभाएं.’’
शिवसेना इस बात पर जोर दे रही है कि ढाई-ढाई साल में बीजेपी और उसके मुख्यमंत्री बारी बारी से बनें. बीजेपी ऐसी व्यवस्था को लागू करने की इच्छुक नहीं है.
विजेता दलों का जिक्र करते हुए पवार ने कहा, “लोगों ने उन्हें सरकार बनाने का मौका दिया है. उन्हें इसका इस्तेमाल करना ही चाहिए. लेकिन अभी जो चल रहा है, वह मेरी राय में बचकाना है.”

