अयोध्या फैसला: ओवैसी से खफा हैं साधु-संत, वेदांती बोले- वे कोर्ट के बारे में अनाप-शनाप बोल रहे हैं

अयोध्या: अयोध्या पर आए फैसले के बाद ऑल इंडिया मजलिस इत्तिहादुल मुस्लमिन (एआईएमआईएम) प्रमुख के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर साधु संतों ने नाराजगी जाहिर की है. राम जन्मभूमि न्यास के कार्यकारी अध्यक्ष राम विलास वेदांती ने ओवैसी पर कड़ा बयान दिया है. रामविलास वेदांती ने कहा कि एक मात्र ओवैसी ही कोर्ट के फ़ैसले के बारे में अनाप शनाप बोल रहे हैं. उन्हें जेल भेजना चाहिए. देश ही नहीं दुनिया के किसी मुसलमान ने इस तरह फ़ैसले के ख़िलाफ़ नहीं बोला जैसे ओवैसी बोल रहे हैं.

राम विलास वेदांती ही नहीं साधु संतों की सर्वोच्च संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी ने भी ओवैसी पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि अदालत का फैसला न मानना संविधान के खिलाफ है.


उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने क्या कहा
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सुन्नी वक्फ बोर्ड ने कुछ नाराजगी जताई. हालांकि, उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जफर फारूकी ने कहा, ”हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले को स्वीकार करते हैं और स्वागत करते हैं. मैं यह साफ कर देना चाहता हैं कि यूपी सुन्नी वक्फ बोर्ड सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दाखिल नहीं करेगा.”
उन्होंने कहा, ”पांच एकड़ की ज़मीन हमने मांगी नहीं थी और जो ज़मीन मिली है उसपर हम चर्चा करेंगे कि लेना है या नहीं.” फारूकी ने असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर कहा न तो तो कोर्ट का हिस्सा हैं और न ही सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड से जुड़े हुए हैं इसलिए वो क्या कहते हैं इसपर बात करना ठीक नहीं है.

बॉलीवुड के मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने भी अपनी राय
अयोध्या में मस्जिद के लिए 5 एकड़ भूमि दिए जाने की बात पर बॉलीवुड के मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने भी अपनी राय रखी है. उनका कहना है कि बेहतर होगा कि जिन लोगों को क्षतिपूर्ति के रूप में 5 एकड़ जमीन दी गई है वो यहां एक बड़ा चैरिटेबल हॉस्पिटल बनाएं जिसमें हर समुदाय के लोग अपना योगदान और सहयोग दें.
असदुद्दीन ओवैसी ने क्या कहा था
अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि वो इस फैसले से खुश नहीं हैं. ओवैसी ने कहा है कि ऐसा नहीं है कि सुप्रीम कोर्ट से गलती नहीं हो सकती है. उन्होंने कहा कि हमें पांच एकड़ जमीन के खैरात की जरूरत नहीं है.
एआईएमआईएम के चीफ ने कहा है कि ”मैं मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से सहमत हूं. हम हक के लिए लड़ रहे थे. हमें पांच एकड़ जमीन नहीं चाहिए. हमें किसी की भीख की जरूरत नहीं है. हमें खैरात नहीं चाहिए. पर्सनल लॉ बोर्ड को जमीन लेने से इनकार कर देना चाहिए.”

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