मुंबई: महाराष्ट्र का सियासी भविष्य तय करने के लिए शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की मुंबई के नेहरू सेंटर में बैठक जारी है. ये पहली बार है जब कांग्रेस के साथ शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की मीटिंग हो रही है. इस बैठक में सरकार को लेकर फैसला होना है. सूत्रों के मुताबिक सीएम पद की रेस से उद्धव ठाकरे ने खुद को बाहर रखा है. वहीं सूत्रों ने ये भी बताया कि एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुख्यमंत्री पद के लिए शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत के नाम का प्रस्ताव रखा है. शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे का भी नाम सीएम पद की रेस में हैं.
सीएम और विधानसभा स्पीकर के पद को लेकर सहमति बननी बाकी है. इसके अलावा सभी मुद्दों पर सहमति बन चुकी है.
पिछले आधे घंटे से इस बात पर चर्चा हो रही है कि आखिर राज्य का मुख्यमंत्री कौन बनेगा. कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस और एनसीपी के नेता लगातार इस बार पर जोर दे रहे है कि उद्धव ठाकरे राज्य के सीएम बने.
इस बैठक के बारे में कहा जा रहा है कि इसमें शिवसेना को कांग्रेस और एनसीपी अपना समर्थन पत्र सौंप सकते हैं. बैठक में शरद पवार, अहमद पटेल, उद्धव ठाकरे, संजय राउत, केसी वेणुगोपाल, अजित पवार सहित कई नेता मौजूद हैं. शिवसेना के पास 56, एनसीपी के पास 54 और कांग्रेस के पास 44 विधायक हैं. उधर बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद जब वो राजभवन से निकले तो उन्होंने कहा कि निजी काम से वे राज्यपाल से मिलने आए थे.
वहीं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि ये तीनों पार्टियां मिलकर राज्य में स्थिर सरकार नहीं दे पाएंगी. इसके पीछे उन्होंने विचारधारा को वजह बताया. नितिन गडकरी ने कहा कि इनकी विचारधारा अलग है. उन्होंने कहा कि जिस विचारधारा पर कांग्रेस चलती है उसका शिवसेना विरोध करती है तो वहीं शिवसेना की विचाधारा के विरोध में कांग्रेस है. इसके साथ ही उन्होंने ये भी दावा किया कि इन तीनों पार्टियों का गठबंधन ज्यादा दिनों तक नहीं चल पाएगा. उन्होंने कहा कि ये अवसरवाद का गठबंधन है.

