नई दिल्ली: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को लेकर अक्सर बहस होती रहती है। इस बार भोपाल बीजेपी की संसद प्रज्ञा ठाकुर ने लोकसभा में बहस के दौरान महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को ‘देशभक्त’ बताया। उनके इस बयान के बाद विपक्षी दलों के सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। एसपीजी (संशोधन) बिल पर चर्चा के दौरान जब डीएमके सांसद ए राजा ने गोडसे के एक बयान का हवाला देकर बताया कि वह महात्मा गांधी की हत्या क्यों की इस पर ठाकुर ने उन्हें रोका और कहा कि आप देशभक्त का उदाहरण नहीं दे सकते। हालांकि लोकसभा के रिकॉर्ड ने प्रज्ञा ठाकुर के बयान को निकाल दिया गया। गौर हो कि प्रज्ञा सिंह पहले भी गोडसे को ‘देशभक्त’ बता चुकी हैं जिसको लेकर विवाद खड़ा हुआ था।
कांग्रेस ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नाथूराम गोडसे को बार-बार ‘देशभक्त’ बताना, बीजेपी नफरत की राजनीति का एक सही प्रतिनिधित्व है। साथ ही कहा कि क्या पीएम मोदी प्रज्ञा ठाकुर की टिप्पणी की निंदा करेंगे या चुप रहेंगे? वरिष्ठ कांग्रेस नेता माणक अग्रवाल ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर की सदस्यता रद्द करने की मांग की।
लोकसभा में राजा ने कहा कि गोडसे ने खुद स्वीकार किया कि उसने हत्या करने का फैसला करने से पहले 32 साल तक गांधी के खिलाफ असंतोष था। राजा ने कहा कि गोडसे ने गांधी को मार दिया क्योंकि वह एक विशेष विचारधारा में विश्वास करते थे।
संसद के बाहर बीजेपी सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने लोकसभा में नाथूराम गोडसे को ‘देशभक्त’ बताने की खबरों पर कहा कि पहले उसको पूरा सुनिए। मैं कल जवाब दूंगी।

