नई दिल्ली: भारत के अहम राज्य जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए हुए ठीक ठाक समय बीत चुका है लेकिन पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के पेट में दर्द बना हुआ है और वो इस सच्चाई को आज तक पचा नहीं पाया है। पाकिस्तान इस मुद्दे पर अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है और घुसपैठ से लेकर सीमा पर फायरिंग जैसी कार्रवाई करने में लगा हुआ है।
वहीं पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के राष्ट्रपति सरदार मसूद खान भी कश्मीर मुद्दे पर भारत को धमकाने की बात कह रहे हैं। सरदार मसूद खान ने भारत को इस मामले पर गीदड़ भभकी देते हुए कहा है कि अब जम्मू-कश्मीर को भारत से आजाद कराने के लिए युद्ध के अलावा कोई और रास्ता नहीं है।
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में एक कार्यक्रम में मसूद खान ने ये बात कही है, उन्होंने कहा कि इस बाबत पाकिस्तानी सेना के साथ पूरा मुल्क कंधे से कंधा मिलाकर इस युद्ध को लड़ेगा, वहीं उन्होंने कहा कि इसके लिए पाकिस्तान को आर्थिक और सामरिक रुप से मजबूत भी बनाना होगा।
जम्मू कश्मीर- लद्दाख का नया मानचित्र, POK को दिखाया भारत का हिस्सा
वहीं नबंवर में भारत में पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य के विभाजन के बाद सरकार द्वारा जारी नए नक्शों में पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (पीओके) नवगठित जम्मू कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश और गिलगित बल्तिस्तान लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश का हिस्सा है। गृह मंत्रालय ने भी एक अधिसूचना में भारत का नया नक्शा जारी किया था जिसमें दोनों केंद्रशासित प्रदेशों को दर्शाया गया है। इसमें पीओके की ‘राजधानी’ मुजफ्फराबाद को देश की भौगोलिक सीमा में दिखाया गया है।
नक्शों के अनुसार नए मानचित्र में पीओके जम्मू-कश्मीर केंद्रशासित प्रदेश का हिस्सा है और गिलगित बल्तिस्तान लद्दाख केंद्रशासित प्रदेश का हिस्सा है। गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश में करगिल तथा लेह दो जिले हैं और पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य का शेष हिस्सा नए जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में है।
इससे पहले पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य में 1947 में कठुआ, जम्मू, ऊधमपुर, रियासी, अनंतनाग, बारामूला, पुंछ, मीरपुर, मुजफ्फराबाद, लेह और लद्दाख, गिलगित, गिलगित वजारत, चिल्हास और ट्राइबल टेरिटरी 14 जिले थे। 2019 तक पूर्ववर्ती जम्मू – कश्मीर राज्य की सरकार ने इन 14 जिलों के क्षेत्रों को पुनर्गठित करके 28 जिले बना दिए थे।
नए जिलों के नाम थे – कुपवाड़ा, बांदीपुर, गांदेरबल, श्रीनगर, बड़गाम, पुलवामा, शोपियां, कुलगाम, राजौरी, रामबन, डोडा, किश्तवाड़, साम्बा और करगिल। इनमें से करगिल जिले को लेह और लद्दाख जिले के क्षेत्र से अलग करके बनाया गया था।

