शाहीन बाग में पिछले डेढ़ महीने से प्रदर्शन जारी
शाहीन बाग में पिछले करीब डेढ़ महीने से सीएए के खिलाफ प्रदर्शन का मोर्चा महिलाओं ने संभाला हुआ है. विरोध-प्रदर्शन को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से कई सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने समर्थन दिया है. यही वजह है कि दिल्ली के विधानसभा चुनाव में शाहीन बाग का प्रदर्शन एक बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है. शाहीन बाग पर खूब चर्चा भी हो रही है.
अगर शाहीन बाग के बहाने वोटरों का ध्रुवीकरण हुआ तो फिर अरविंद केजरीवाल को लेने के देने पड़ सकते हैं. तरह तरह के लोगों से बात और मुलाक़ात करते समय अधिकतर लोग अरविंद केजरीवाल के समर्थन वाले मिले. सब उनके फ्री बिजली, पानी देने की तारीफ कर रहे हैं. लेकिन जब भी उनसे सवाल पूछा कि लोकसभा चुनाव में किसका साथ देंगे. एक दो को छोड़ कर हर बार एक ही जवाब मिला, मोदी को. मतलब ये कि मोदी के समर्थक भी दिल्ली में केजरीवाल के साथ खड़े नजर आए. लेकिन शाहीन बाग पर चुनाव हुआ तो फिर गेम बदल सकता है. चुनावी हवा बदलते तो वैसे भी देर नहीं लगती है. तो ऐसे में सवाल ये है कि क्या शाहीन बाग गेमचेंजर हो सकता है?
दिल्ली विधानसभा चुनाव 8 फरवरी को
दिल्ली विधानसभा चुनाव 8 फरवरी को है और यहां वोटों की गिनती 11 फरवरी को होगी. दिल्ली चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्ताधारी आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच माना जा रहा है. कल बीजेपी ने अपना संकल्प पत्र जारी किया है जिसमें उसने 2 रुपये किलो अच्छी क्वालिटी का आटा और स्कूल जाने वाली लड़कियों के लिए साइकिल और कॉलेज जाने वाली गरीब छात्राओं के लिए इलेक्ट्रिक स्कूटी का वादा किया है.

