CAA और NPR पर महाराष्ट्र सरकार में खींचतान, उद्धव पर बरसी कांग्रेस, कहा- CM को है ब्रीफिंग की जरूरत

नई दिल्ली: महाराष्ट्र सरकार में इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। दरअसल कुछ मुद्दों को लेकर गठबंधन में शामिल शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी में मतभेद खुलकर सामने दिखाई दे रहे हैं। शुक्रवार को पीएम मोदी से मिलने के बाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने जिस तरह से खुलकर नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और एनपीआर का समर्थन किया उससे कांग्रेस असहज दिखाई दे रही है।
उद्धव को ब्रीफिंग की जरूरत

 कांग्रेस ने कहा है कि उद्धव को संशोधित नागरिकता नियम-2003 पर जानकारी दिए जाने की जरूरत है कि कैसे राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) का आधार है। कांग्रेस सांसद और पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने कहा, ‘एक बार जब आप एनपीआर करते हैं तो फिर एनआरसी को नहीं रोक सकते। सीएए पर भारतीय संविधान के स्वरूप से फिर से अवगत होने की जरूरत है कि धर्म नागरिकता का आधार नहीं हो सकता।’
क्या कहा था उद्धव ठाकरे ने
पीएम मोदी से मुलाकात करने के बाद सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा,  ‘महाराष्ट्र के मुद्दों पर प्रधानमंत्री के साथ चर्चा अच्छी रही। मैंने प्रधानमंत्री के साथ सीएए, एनपीआर और एनआरसी पर भी चर्चा की। सीएए से किसी को डरने की जरूरत नहीं। एनपीआर से किसी को भी देश से बाहर नहीं निकाला जाएगा। गठबंधन सरकार में शामिल सहयोगी दलों के बीच कोई टकराव नहीं है। हम पांच साल सरकार चलाएंगे।’  शिवसेना प्रमुख ठाकरे ने कहा कि देश में डर का माहौल बनाया जा रहा है कि राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) मुसलमानों के लिये खतरनाक है। पीएम मोदी से मुलाकात के बाद उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मुलाकात की और सहयोग के लिए धन्यवाद किया था।

पहले भी सार्वजनिक हो चुके हैं मतभेद
आपको बता दें कि महाराष्ट्र में एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना वाले गठबंधन ‘महा विकास अघाड़ी’ की सरकार है। इस सरकार में शामिल दलों में पहले भी कई मुद्दों को लेकर मतभेद सार्वजनिक हुए हैं।  कुछ दिन पहले भीमा-कोरेगांव मामले की एनआईए से जांच को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के हरी झंडी देने से एनसीपी नाराज हो गई थी और उसने इसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपे जाने का विरोध किया था। तब उद्धव ठाकरे ने इसे अनदेखा कर दिया था।
सीएए और एनपीआर पर शिवसेना के समर्थन को लेकर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके अशोक चव्हाण ने कुछ दिन पहले कहा था, ‘महाराष्ट्र में तीन दलों का गठबंधन है और कांग्रेस सीएए, एनआरसी और एनपीआर के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट कर चुकी है कि ये देशहित में नहीं है।

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