चारों धाम में बर्फबारी, निचले इलाकों में बारिश व ओलावृष्टि
दोपहर बाद अचानक खराब हुए मौसम से चारों धाम केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई, जबकि निचले इलाकों में बारिश होने से ठंड बढ़ गई है। टिहरी जिले के कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि होने से किसानों की खड़ी फसल बर्बाद हो गई है।
शनिवार दोपहर बाद चमोली जिले के बदरीनाथ, हेमकुंड, गोरसो बुग्याल सहित ऊंचाई वाले इलाकों में जमकर बर्फबारी हुई। उधर, रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ, द्वितीय केदार मद्महेश्वर व तृतीय केदार तुंगनाथ समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी दोपहर बाद हिमपात हुआ, वहीं पहाड़ के निचले इलाकों में बारिश होने से ठंड बढ़ गई है। टिहरी जिले भिलंगना और प्रतापनगर ब्लाक के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ ही जमकर ओलावृष्टि हुई है, जिससे किसानों की सरसों, मटर, गेहूं की फसल बर्बाद हो गई है।
रुड़की में बारिश से 6 डिग्री तक गिरा अधिकतम पारा, लौटी ठंड
शुक्रवार को अधिकतम तापमान 24.8 और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। वहीं, शनिवार को सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए थे। दोपहर करीब डेढ़ बजे तक बारिश शुरू हो गई, जो करीब तीन बजे तक जारी रही। इस दौरान बाजारों में चहल पहल कम रही। हालांकि, इसके बाद देर शाम तक आसमान में बादल छाए रहे। उधर, बारिश के कारण शनिवार को अधिकतम तापमान गिरकर 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश के कारण मौसम में कुछ ठंडक भी बढ़ गई।
बारिश के कारण किसान भी परेशान दिखे। उनका कहना था कि करीब एक सप्ताह पूर्व अच्छी बारिश हुई थी। लिहाजा फसलों को अब बारिश की जरूरत नहीं है। बारिश से किसानों को फसलों के गिरने की चिंता सता रही है। मुख्य कृषि अधिकारी विकेश यादव ने बताया कि इस समय फसलों को पानी की आवश्यकता नहीं है। बारिश फसलों के लिए हानिकारक हो सकती है।
शनिवार और रविवार को भारी बारिश व बर्फबारी हो सकती है
मौसम केंद्र के बताए अनुसार आज प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में मौसम का मिजाज बिगड़ा रहा। बादलों के बीच सर्द हवाएं चलीं। राज्य के ज्यादातर स्थानों में गरज और चमक के साथ बारिश हो सकती है। वहीं, तीन हजार मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ भी गिर सकती है।
राजधानी दून व उसके आसपास के इलाकों में आंधी और बारिश के साथ ओले भी गिर सकते हैं। मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों में बिजली गिरने का अनुमान भी जताया है।
भीमबली से रामबाड़ा के बीच बर्फ कटान शुरू
यात्रा मैनेजमेंट फोर्ट (वाईएमएफ) के 44 जवानों समेत 60 सदस्यीय दल बीते एक सप्ताह से भीमबली में डेरा जमाए हुए है। पहले चरण में जंगलचट्टी से भीमबली तक पैदल मार्ग पर जमा हल्की बर्फ को साफ किया गया। दूसरे चरण में शुक्रवार को भीमबली से रामबाड़ा के बीच बर्फ को काटकर रास्ता बनाने का कार्य शुरू किया गया है।
यहां पर आपदा के बाद निर्मित नए मुख्य मार्ग के बजाय डेढ़ किमी वैकल्पिक मार्ग पर पांच से छह फीट तक बर्फ है, जिसे साफ करने में दिक्कतें आ रही हैं। क्योंकि यहां घना जंगल होने से धूप कम पड़ती है, जिससे बर्फ की मोटी परत कठोर हो चुकी है। सहायक अभियंता (एई) दीपचंद्र नवानी ने बताया कि एक माह में मरम्मत के सभी कार्य पूरे कर दिए जाएंगे।

