उत्तराखंड: हाउस टैक्स जमा करने को अब नहीं खाने पड़ेंगे धक्के, स्मार्ट कार्ड से भी होगा भुगतान

देहरादून। इस वित्तीय वर्ष से नगर निगम में हाउस टैक्स स्मार्ट कार्ड से भी जमा हो सकेगा। निगम प्रशासन ने इसके लिए अपने खातों से जुड़े विभिन्न बैंकों के अधिकारियों से वार्ता कर इसका हल निकाल लिया है। नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने बताया कि बैंकों की ओर से निगम को जारी स्मार्ट कार्ड केवल नगर निगम से जुड़े भुगतान ही करेंगे। यह एक तरह से वॉलेट सिस्टम पर आधारित होंगे। इनके जरिए नगर निगम से जुड़ा कोई भी शुल्क जमा हो सकेगा। 

अब तक सालाना तकरीबन 25 करोड़ रुपये हाउस टैक्स वसूल रहा नगर निगम इस साल 50 करोड़ की वसूली का रिकॉर्ड कायम करने जा रहा है। ऐसे में निगम के अधिकारी जन सुविधाओं को लेकर गंभीर हो गए हैं। हाउस टैक्स जमा कराने को अब आपको निगम कार्यालय के धक्के नहीं खाने पड़ेंगे, न लाइन में लगना पड़ेगा। कैशलेस व्यवस्था के अंतर्गत नगर निगम पिछले साल मई से टैक्स जमा करने की प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी थी। टैक्स सेवा ऑनलाइन करने के लिए निगम छह साल से कसरत कर रहा था। 

तकरीबन दो लाख आवासीय और व्यावसायिक भवनों वाले शहर में निगम ने पहले चरण में पुराने साठ वार्डों को ही ऑनलाइन सेवा से जोड़ा है। दरअसल, निगम के कंप्यूटरीकृत डाटा में अभी बाकी 40 वार्डों का रिकार्ड दर्ज नहीं हुआ है। टैक्स की ऑनलाइन सुविधा को लेकर नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने निगम के पैनल में शामिल सभी बैंकों के अफसरों के साथ बैठक कर ली है। इसमें तय हुआ कि लोगों को उनके हिसाब से टैक्स जमा करने की सुविधा दी जाएगी। चाहे बैंक के काउंटर पर पहुंचकर टैक्स जमा करे, या ऑनलाइन सुविधा पर। इसके अलावा मोबाइल एप पर भी हाउस टैक्स जमा करने की सुविधा मिलेगी। 

आउट-सोर्स भी होगा हाउस टैक्स 

इस वित्तीय वर्ष से हाउस टैक्स प्रक्रिया आउट-सोर्स करने पर भी मंथन चल रहा था। दरअसल, जो लोग निगम के दफ्तर में आकर या ऑनलाइन टैक्स जमा नहीं करा सकेंगे, उनसे वसूली के लिए एजेंसी कर्मी भेजे जाने का प्लान बनाया गया था लेकिन जब तक टैक्स प्रक्रिया ऑनलाइन नहीं हो जाती, इसे लागू करने में भी पेंच है। अभी निगम के टैक्स अनुभाग में इतने कार्मिक नहीं हैं कि उनसे घर-घर जाकर टैक्स की वसूली कराई जा सके। इसके अलावा पूरी टैक्स वसूली नहीं आने से निगम को हर वित्तीय वर्ष में करोड़ों का नुकसान भी हो रहा। माना जा रहा है कि आउट-सोर्स होने से निगम की आय करीब 75 करोड़ पहुंच जाएगी, जो फिलहाल 50 करोड़ तक रहने का अंदेशा है। जनता को ये लाभ होगा कि एजेंसी कर्मचारी खुद घर आकर टैक्स का असेसमेंट करेंगे और हाथों-हाथ टैक्स भी ले लेंगे। 

अब बिजली कनेक्शन बताएगा आपने हाउस टैक्स भरा या नहीं 

नगर निगम के अधीन हाउस टैक्स न देने वालों की पहचान बिजली कनेक्शन से की जाएगी। नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने कर अनुभाग को बिजली कनेक्शन की सूची से बकायेदार आवासीय स्वामी का पता लगाने को कहा है। जुर्माने के साथ इनसे हाउस टैक्स वसूला जाएगा। 

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