हरिद्वार I गंगा रक्षा के लिए समर्पित संस्था मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने आमरण अनशन कर रहे अपने शिष्य ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद का अनशन समाप्त कराने के बाद मंगलवार की सुबह से खुद अनशन करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली एम्स में जिंदगी और मौत से जूझ रही साध्वी पद्मावती को आश्रम से उठाकर ले जाने के बाद प्रशासन ने जहर दिया था। अब इसकी पुष्टि हो गई है। उन्होंने प्रशासन पर मातृ सदन के खिलाफ षड्यंत्र करने के आरोप लगाए।
सोमवार को मातृ सदन में पत्रकारों से वार्ता करते हुए स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि वह डेढ़ साल पूर्व गंगा की रक्षा के लिए आमरण अनशन करते हुए अपना बलिदान दे चुके स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद उर्फ जीडी अग्रवाल द्वारा उठाई गई मांगों और उसके बाद ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद तथा साध्वी पदमावती द्वारा किए गए अनशन के क्रम में ही अपनी तपस्या करेंगे।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर गंगा के प्रति उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि साध्वी पदमावती को हरिद्वार से ले जाकर उपचार के बहाने जहर दिया गया है। इसकी पुष्टि अब हो गई है। वहीं आत्मबोधानंद को भी एम्स में भर्ती कराने के बाद डिस्चार्ज होने के बाद लावारिस छोड़ दिया गया है। यह प्रशासन के षड्यंत्र का हिस्सा है।

