देहरादून I विकासनगर के डाक पत्थर से कोरोना संदिग्ध पति-पत्नी को देहरादून रेफर किया गया है। बताया गया कि उनमें कोरोना से मिलते-जुलते लक्षण हैं। संदिग्ध व्यक्ति की उम्र 55 साल है और वह विगत पांच मार्च को दुबई से भारत लौटे। दुबई में उनका बेटा रहता है। तभी से उनकी तबीयत खराब है। जिससे देखते हुए उनकी जांच की जा रही है। बता दें कि अभी तक उत्तराखंड में केवल एक ही कोरोना पॉजिटिव केस सामने आया है।
वहीं सर्दी, जुकाम, खांसी की शिकायत के बाद दो विदेशी भी आज मंगलवार को दून अस्पताल पहुंचे। जिनका सैंपल लिया गया है। दोनों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना के निर्देश पर अस्पताल में न्यू ओपीडी ब्लॉक के ग्राउंड फ्लोर पर फ्लू ओपीडी शुरू कर दी गई है।
आईआईटी रुड़की के खोसला इंटरनेशनल हाउस में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में निगरानी अवधि पूरी करने पर सोमवार को एक छात्र को छुट्टी दे दी गई। अब वार्ड में एक विदेशी समेत सात छात्रों को निगरानी में रखा गया है।
स्वास्थ्य विभाग के कर्मी करेंगे हड़ताल तो लगेगा एस्मा
उत्तराखंड सरकार ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के सभी डॉक्टरों और कर्मियों की समस्त सेवाओं को अतिआवश्यक सेवाएं घोषित करते हुए, उनकी हड़ताल को निषिद्ध करने के आदेश जारी किए हैं।
बता दें कि राज्य में प्रमोशन के आरक्षण के खिलाफ कई दिनों से जनरल और ओबीसी कर्मियों की हड़ताल चल रही है। जिसमें स्वास्थ्य विभाग के कर्मी सरकार को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की बात कर रहे थे। जिसे देखते हुए इन पर एस्मा लगाया गया है।
डॉक्टर के परामर्श बिना कैमिस्ट नहीं देंगे खांसी जुकाम की दवा
प्रदेश में किसी भी कैमिस्ट दुकान पर डॉक्टर की परामर्श के बिना खांसी जुकाम, बुखार व दर्द की दवाईयां नहीं दी जाएगी। मंगलवार को फूड सेफ्टी एंड ड्रग्स कमिश्नर डा. पंकज कुमार पांडेय ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। कैमिस्ट की दुकानों पर रेट लिस्ट लगा कर उचित मूल्य पर सैनेटाइजर व मास्क की बिक्री करने के निर्देश दिए गए।
फूड सेफ्टी ड्रग्स प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार कोरोना वायरस संक्रमण का पूरे विश्व में गंभीर खतरा बना हुआ है। प्रदेश सरकार ने वायरस को माहमारी रोग घोषित किया है। आदेश में कहा गया कि कोई भी कैमिस्ट बिना डॉक्टर के परामर्श के बिना किसी भी व्यक्ति को खांसी, जुकाम, बुखार व दर्द की दवाईयां न दें। इसके लिए खांसी जुकाम से पीड़ित व्यक्ति को डॉक्टर की सलाह लेने की सलाह दें।
प्रदेश के सभी ड्रग्स इंस्पेक्टरों को आदेशों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। आम लोगों को कोरोना वायरस के प्रति जागरूक करने के लिए मेडिकल स्टोर में भी सैनेटाइजर व मास्क के रेट लिस्ट लगाई जाए।
डॉक्टर के परामर्श बिना कैमिस्ट नहीं देंगे खांसी जुकाम की दवा
प्रदेश में किसी भी कैमिस्ट दुकान पर डॉक्टर की परामर्श के बिना खांसी जुकाम, बुखार व दर्द की दवाईयां नहीं दी जाएगी। मंगलवार को फूड सेफ्टी एंड ड्रग्स कमिश्नर डा. पंकज कुमार पांडेय ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। कैमिस्ट की दुकानों पर रेट लिस्ट लगा कर उचित मूल्य पर सैनेटाइजर व मास्क की बिक्री करने के निर्देश दिए गए।
फूड सेफ्टी ड्रग्स प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार कोरोना वायरस संक्रमण का पूरे विश्व में गंभीर खतरा बना हुआ है। प्रदेश सरकार ने वायरस को माहमारी रोग घोषित किया है। आदेश में कहा गया कि कोई भी कैमिस्ट बिना डॉक्टर के परामर्श के बिना किसी भी व्यक्ति को खांसी, जुकाम, बुखार व दर्द की दवाईयां न दें। इसके लिए खांसी जुकाम से पीड़ित व्यक्ति को डॉक्टर की सलाह लेने की सलाह दें।
प्रदेश के सभी ड्रग्स इंस्पेक्टरों को आदेशों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। आम लोगों को कोरोना वायरस के प्रति जागरूक करने के लिए मेडिकल स्टोर में भी सैनेटाइजर व मास्क के रेट लिस्ट लगाई जाए।
कृपया बंद करें कोरोना वार्ड ‘टूरिज्म’
एक तरफ जहां कोरोना संक्रमित मरीज और कोरोना संदिग्ध मरीजों से लोगों को दूरी बनाने की लगातार सलाह दी जा रही है, वहीं कुछ राजनीतिक लोग इसे तोड़ने से भी बाज नहीं आ रहे हैं।
सोमवार को दून अस्पताल में कुछ इसी तरह की स्थिति देखने को मिली। उधर इसके बाद राजकीय दून मेडिकल अस्पताल प्रशासन ने आईसोलेशन वार्ड में निगरानी बढ़ा दी है। डॉक्टरों और जरूरी स्टाफ के अलावा वहां अन्य लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
सोमवार को कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना कुछ कार्यकर्ताओं के साथ दून अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में पहुंचे। इसके बाद धस्माना डिप्टी सीएमएस डॉक्टर एनएस खत्री के कक्ष में गए, लेकिन वे वहां मौजूद नहीं थे। तो धस्माना नर्सिंग स्टाफ के साथ अस्पताल में बनाए गए कोरोना आइसोलेशन वार्ड में गए।
सोमवार को कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना कुछ कार्यकर्ताओं के साथ दून अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में पहुंचे। इसके बाद धस्माना डिप्टी सीएमएस डॉक्टर एनएस खत्री के कक्ष में गए, लेकिन वे वहां मौजूद नहीं थे। तो धस्माना नर्सिंग स्टाफ के साथ अस्पताल में बनाए गए कोरोना आइसोलेशन वार्ड में गए।
कोरोना संदिग्ध से मिले
वहां भूतल में भर्ती एक निजी शिक्षण संस्थान में पढ़ने वाले एक छात्र व एक छात्रा, जिन्हें कोरोना संदिग्ध माना गया है, उनसे मिले। उसके बाद प्रथम तल पर बने आइसोलेशन वार्ड में गए। जहां कोरोना संक्रमित आईएफएस ट्रेनी भर्ती हैं। यही नहीं, धस्माना द्वारा संदिग्ध कोरोना मरीजों का हालचाल जानते हुए की फोटो भी सोशल मीडिया में चलने लगी। जबकि ऐसे मरीजों की पहचान सार्वजनिक न करने के साफ निर्देश हैं।
उधर, प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष धस्माना का कहना है कि वह कोरोना से बचाव को लेकर सरकारी व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने पहुंचे थे। सरकार की ओर से की गई व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं है। किसी भी तरह नियम तोड़ना उनकी मंशा नहीं थी। वहीं, राजपुर रोड विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक खजानदास ने दून अस्पताल में व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
जहां उन्होंने संदिग्ध मरीजों का भी हाल जाना। हालांकि उनका कहना है कि वे सिर्फ वहां व्यवस्थाएं देखने गए थे। प्रतिबंधित क्षेत्र में नहीं गए। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि आईसोलेशन वार्ड के बाहर गार्ड की तैनाती है। स्पष्ट निर्देश दे दिए गए हैं कि वहां किसी को अनावश्यक प्रवेश न करने दें।
उधर, प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष धस्माना का कहना है कि वह कोरोना से बचाव को लेकर सरकारी व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने पहुंचे थे। सरकार की ओर से की गई व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं है। किसी भी तरह नियम तोड़ना उनकी मंशा नहीं थी। वहीं, राजपुर रोड विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक खजानदास ने दून अस्पताल में व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
जहां उन्होंने संदिग्ध मरीजों का भी हाल जाना। हालांकि उनका कहना है कि वे सिर्फ वहां व्यवस्थाएं देखने गए थे। प्रतिबंधित क्षेत्र में नहीं गए। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि आईसोलेशन वार्ड के बाहर गार्ड की तैनाती है। स्पष्ट निर्देश दे दिए गए हैं कि वहां किसी को अनावश्यक प्रवेश न करने दें।

