उत्तराखंड में सुबह होते ही सड़कों पर पसरा सन्नाटा, दूर-दूर तक नहीं दिख रहे लोग

देहरादून I कोरोना वायरस के संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर आज होने वाले ‘जनता कर्फ्यू’ पर उत्तराखंड में पुलिस ड्रोन कैमरों से नजर बनाए हुए है। खास फोकस देहरादून में लॉक डाउन किए गए एफआरआई और राजपुर रोड के एक होटल परिसर है। पुलिस ने भी लोगों से इसका पालन करने की अपील की है।

सुबह सात बजते ही लोगों ने इस अपील का पालन करना शुरू कर दिया। गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक घरों से लेकर बाजार तक सन्नाटा छा गया। लोगों ने खुद को घरों में कैद कर लिया है।

‘जनता कर्फ्यू’ के तहत उत्तराखंड रोडवेज की बसों का संचालन भी आज ठप है। आज एक दिन के लिए करीब 1300 बसों के संचालन पर रोक लगाई गई है। 

हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर भी सुबह स्नान और पूजा के लिए लोग नहीं पहुंचे। लगभग सभी घाट खाली हैं।

सबसे ज्यादा पर्यटकों से पैक रहने वाली पहाड़ों की रानी मसूरी की सड़कें भी सुबह से ही वीरान हैं। गली मौहल्ले भी सूने पड़े हैं। 

वहीं, ऋषिकेश में त्रिवेणी घाट पर कुछ लोग विशेष पूजा के जुटे। इस दौरान कुछ युवकों की पुलिस से झड़प भी हो गई। पुलिस ने युवकों को खदेड़कर घाट से बाहर निकाला।

सुबह से दिहाड़ी मजदूरी करने वाले श्रमिक देहरादून के लाल पुल व अन्य जगहों पर पहुंचे, लेकिन उन्हें काम नहीं मिला।

रु़द्रप्रयाग में एक युवक ने अपने घर पर शंखनाद करने के बाद जनता  कर्फ्यू का एलान  किया। पूरे मौहल्ले ने युवक की इस मुहिम का साथ दिया।

पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी खुली, राशन और शराब की दुकानें बंद
जनता कर्फ्यू के दौरान आज गैस एजेंसियां और पेट्रोल पंप खुले हैं, जबकि राशन और शराब की दुकानें बंद रखी गई हैं। शासन ने यह निर्णय लिया है कि गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंप पर कर्मचारियों की संख्या न्यूनतम रहेगी। आवश्यक सेवाओं की श्रेणी में होने के चलते इन्हें पूरी तरह से बंद नहीं किया जा सकता।

जनता से अपील कि बाहर न निकलें

गृहसचिव नितेश कुमार झा और डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी ने कर्फ्यू को सफल बनाने के लिए जनता से अपील की। लेकिन इस दौरान पुलिस किसी पर दबाव नहीं बनाएगी। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। गृह सचिव नितेश कुमार झा, पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार आदि ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से प्रदेश के पुलिस कप्तानों से बातचीत की। उन्हाेंने आज प्रस्तावित ‘जनता कर्फ्यू’ को सफल बनाने के लिए जनता को प्रेरित करने को कहा। काउंसिलिंग कर लोगों को यह बताया जाए कि घर में रहकर ही कोरोना को हराया जा सकता है।

उधर, डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे, एसपी देहात प्रमेंद्र डोभाल, एसपी क्राइम लोकजीत सिंह आदि के साथ बैठक कर ‘जनता कर्फ्यू’ की तैयारियों पर मंथन किया। उन्होंने कर्फ्यू के दौरान ड्रोन कैमरों से निगरानी के निर्देश दिए। विशेषकर संदिग्ध मरीजों के लिए बनाए गए आइसोलेटिड एरिया, लॉक डाउन किए गए स्थानों पर ड्रोन कैमरों के माध्यम से पैनी नजर रखी जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर 22 मार्च को ‘जनता कर्फ्यू’ है। यह जनता के द्वारा होगा और जनता के लिए होगा। कोरोना वायरस की चैन तोड़ने एवं हराने के लिए यह कर्फ्यू महत्वपूर्ण साबित होगा। जो ‘जनता कर्फ्यू’ में सहयोग नहीं करेगा, इसका अर्थ यह होगा कि उन्हें न अपनी और न जनता की चिंता है और न देश की। ऐसे में कोरोना वायरस को हराना और जनता कर्फ्यू को सफल बनाने के लिए यह कर्फ्यू जरूरी है। इसके लिए पुलिस पूरी तरह तैयार है।
-अशोक कुमार, पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था

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